रविवार, 16 दिसंबर 2012

सरदार पटेल के कुछ खास शब्दो का साँराश


          यदि मानव सच्चाई तथा अहिंसा के मार्ग पर चलता है तो वह भय रहित होता है जिससे उसमे 

राष्ट्रभावना त्याग आदि का घर कर जाते है तब वह कठिन कार्य भी शीघ्रकर दुसरो का मार्ग दर्शन 

करता है मानव खाली हाथ आता है तथा मरने पर बाँस तथा रस्सी का का सहारा लेकर वापिस चला 

जाता है सच्चे मानव मे स्वयं का आत्मबल इतना होता है कि वह बिना किसी भय के ताड/खजूर आदि 

के लम्बे से लम्बे पेडो कि चोटी पर बिना किसी सहारे चढ जाता है क्या ऐसा कोई धनवान जिसने 

सच्चाई का रास्ता छोडकर हिंसक ढंगो से बहुत धन अर्जित किया है ऐसा कर सकता है ? कदाचित नही 

! इसी प्रकार सच्चा मानव सूखी रोटी को भी पचा लेता है पर धनवान दुध -मलाई भी खाकर इन्हे 

पचाने हेतु अपने पेट की मालिश करता है  सच्चे मानव कि मौत जीवन में एक बार आती है तथा वह 

राष्टीय कष्टो को झेलता हुआ हंसते-2 उसका स्वागत करता है पर धनवान मौत के भय से हर वक्त 

भयभीत रहता है तथा उसको उसके धन कि चिन्ता उसे उसके धन के साथ खीच ले जाती है यदि मौत 

के बाद संसार में मानव की कोई वस्तु बची रहती है तो वह है उसका आर्दश,सच्चाई,त्याग,कार्य आदि 

न कि धन तथा सुख जो उसने इकठ्ठा किया तथा भोगा


प्रेषक 

रतन लाल गुर्जर

प्रदोषन नगर, तहसील व पोस्‍ट पीपलू 

टोंक राजस्‍थान  304801

मोबाईल  08559941915



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